बार एसोसिएशन देहरादून की आम सभा में शनिवार को अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा निर्णय लिया। पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा के लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति के विरोध में आयोजित बैठक में वकीलों ने चेतावनी दी कि जब तक जिलाधिकारी का जिले से स्थानांतरण नहीं होता, तब तक कोई भी अधिवक्ता राजस्व न्यायालयों में कार्य नहीं करेगा।
विधि भवन में आयोजित इस आम सभा में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने जिलाधिकारी के कथित फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे न केवल अनुचित बताया, बल्कि अधिवक्ता समुदाय की गरिमा पर भी आघात करार दिया। पदाधिकारियों ने साफ कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे बार की है।
सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राजस्व न्यायालयों के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया गया। इसके साथ ही शनिवार को अधिवक्ताओं ने न्यायालयों और कार्यालयों में कार्य से पूरी तरह विरत रहने का निर्णय भी लिया।
इस फैसले का असर न्यायिक कार्यों पर साफ दिखाई दिया। अदालत परिसरों में बस्ते, टाइपिंग कार्य और स्टांप वेंडरों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई।

