हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना, जब साईं शिव गंगा धाम में दुनिया के सबसे बड़े पारद शिवलिंग ‘पारदेश्वर महादेव’ की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुए इस भव्य समारोह में देश की कई प्रमुख धार्मिक एवं राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, दीदी मां साध्वी ऋतंभरा, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा तथा कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा समेत बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि यह पारद शिवलिंग रघुनाथ देव महाराज द्वारा भेंट किया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्थापना केवल हरिद्वार ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए महत्वपूर्ण है। शिवलिंग के दर्शन और पूजा से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होगा तथा उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे लोग भी हैं जो अपने धन का उपयोग धर्म और जनकल्याण के कार्यों में करते हैं, जो अत्यंत सराहनीय है।
5210 किलोग्राम वजन, 10 वर्षों में हुआ निर्माण
साईं शिव गंगा धाम में स्थापित यह पारद ध्यान लिंगम अपने विशाल आकार और 5210 किलोग्राम वजन के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस शिवलिंग को इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। विश्व शांति और मानव कल्याण की भावना से स्थापित इस दिव्य शिवलिंग के निर्माण में लगभग 10 वर्षों का समय लगा।
यह विशाल पारदेश्वर महादेव शिवलिंग हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहादराबाद टोल प्लाजा के समीप स्थित शिरडी साईं बाबा मंदिर परिसर में स्थापित किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
धार्मिक महत्व और भव्यता के कारण यह स्थल आने वाले समय में देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र बनने की उम्मीद है।

