पौड़ी। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी के खिलाफ कोतवाली पौड़ी में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर इंटरनेट मीडिया पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नेपाली मूल का बताने, बिना साक्ष्यों के भ्रामक प्रचार करने और जाति-धर्म से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य राजेशी कोली की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी तहरीर में राजेशी कोली ने आरोप लगाया कि आशुतोष नेगी ने हाल में फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की थी। इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नेपाली मूल का बताया गया। साथ ही खुद पर फर्जी एससी-एसटी मुकदमे दर्ज कराने और शिकायतकर्ता को बाद में अनुसूचित जाति आयोग का सदस्य बनाकर पुरस्कृत किए जाने जैसे आरोप लगाए गए थे।
कोली ने पोस्ट को बिना साक्ष्यों के भ्रामक और विद्वेषपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे जनभावनाएं भड़कने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने पोस्ट हटाने के साथ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
सीओ सदर तपेश कुमार चंद ने बताया कि आशुतोष नेगी के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर अमर्यादित भाषा के प्रयोग, जाति-धर्म से जुड़ी टिप्पणी और बिना साक्ष्यों के भ्रामक प्रचार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसएसआई राजविक्रम सिंह को सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नेगी बोले- पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया
वहीं, आशुतोष नेगी ने आरोपों पर कहा कि उनकी पोस्ट में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया गया था। इसके बावजूद उनके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की तहरीर पर वर्तमान मुकदमा दर्ज हुआ है, उसी की तहरीर पर पहले भी उनके खिलाफ एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। नेगी ने कहा कि वह इन मुकदमों का जवाब अदालत में मजबूत पैरवी के माध्यम से देंगे।

