राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की नई पहल ‘महिला आयोग आपके द्वार’ से अब देशभर की पीड़ित महिलाओं को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस अभियान के तहत आयोग की टीमें सीधे जिलों में पहुंचकर मौके पर ही शिकायतों की सुनवाई और निस्तारण कर रही हैं।
हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक कार्यशाला में आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बताया कि 9 से 14 मार्च के बीच देश के 500 जिलों में जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान करीब 15,000 महिलाओं की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
आयोग ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए भी राज्य स्तर पर शिकायत एवं अन्वेषण कमेटियों का गठन किया है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेशों में भी स्थानीय स्तर पर समितियां बनाई गई हैं, ताकि जो मामले आयोग तक नहीं पहुंच पाते, उन्हें भी त्वरित न्याय मिल सके।
महिला आयोग की ओर से सभी राज्यों के डीजीपी के साथ हर तीन से चार महीने में बैठक की जाती है, जिसमें मामलों के निस्तारण के साथ-साथ पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
अध्यक्ष रहाटकर ने बताया कि जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं हो पाता, उनमें आयोग स्वयं हस्तक्षेप करता है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश के एक मामले में आयोग की टीम ने मौके पर पहुंचकर समाधान की पहल की।
उन्होंने कहा कि अब स्थानीय कमेटियां पीड़ित महिलाओं की शिकायत दर्ज कर उन्हें आयोग तक पहुंचाएंगी, जिसके बाद आयोग की टीम मौके पर जाकर सुनवाई करेगी। इस प्रक्रिया में कमिश्नर, जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और पीड़िता को शामिल कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

