उत्तरकाशी। पहाड़ों में सूरज की रोशनी अब ग्रामीणों के लिए रोजगार और कमाई का जरिया बन रही है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत उत्तरकाशी जिला सोलर प्लांट स्थापना के मामले में टिहरी के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। जिले को करीब 50 मेगावाट क्षमता के 262 सोलर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष अब तक 227 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।
सोलर प्लांट की स्थापना से ग्रामीणों की बंजर जमीन का सदुपयोग हो रहा है और उन्हें घर बैठे नियमित आय का जरिया भी मिल रहा है। जिले में स्थापित प्लांटों से तैयार बिजली को ऊर्जा निगम निर्धारित दरों पर खरीद रहा है।
200 किलोवाट के प्लांट से सालाना 12 लाख की आय
डुंडा ब्लॉक के मट्टी और भालसी में 200-200 किलोवाट क्षमता के दो सोलर प्लांट स्थापित करने वाले दंपति संगीता और हेमवती प्रसाद पैन्यूली ने बताया कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना पहाड़ों से पलायन रोकने और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो रही है।
उन्होंने बताया कि सोलर प्लांट ऐसी दुकान की तरह है, जिसका शटर खोलने की जरूरत नहीं पड़ती। दिन में सूर्य की रोशनी से बिजली का उत्पादन होता है और उत्पादित बिजली को कौन खरीदेगा, इसकी भी चिंता नहीं रहती। ऊर्जा निगम के साथ 25 वर्षों के लिए विद्युत क्रय अनुबंध (पीपीए) होने के कारण निर्धारित दरों पर बिजली खरीदी जाती है।
दंपति के अनुसार, उन्हें प्रत्येक 200 किलोवाट क्षमता वाले प्लांट से सालाना करीब 12 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। वहीं, डुंडा के भालसी में सोलर प्लांट स्थापित करने वाली गीता देवी ने भी योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे पहाड़ के कई बेरोजगार युवाओं को घर बैठे रोजगार और आय का साधन मिला है।
डुंडा में सबसे ज्यादा प्लांट स्थापित
जिले में ब्लॉकवार स्थिति की बात करें तो डुंडा ब्लॉक में सबसे अधिक 134 प्लांट स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 126 स्थापित किए जा चुके हैं। मोरी में 30 में से 29, चिन्यालीसौड़ में 21 में से 17, भटवाड़ी में 26 में से 17, पुरोला में सभी पांच और नौगांव में 46 में से 33 प्लांट स्थापित हो चुके हैं।
कुल 262 स्वीकृत प्लांटों में से 227 प्लांट स्थापित हो चुके हैं। इनकी कुल स्थापित क्षमता 43.66 मेगावाट है।
193 प्लांट से खरीदी जा रही बिजली
उरेडा के परियोजना अधिकारी मयंक नौटियाल के अनुसार, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना वर्ष 2023 में शुरू हुई थी। मार्च 2026 तक जिले में बड़ी संख्या में सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य प्लांट निर्माणाधीन हैं। इससे जिले को आवंटित लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा निगम के ईई मनोज गुसाईं ने बताया कि वर्तमान में जिले के 193 सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली खरीदी जा रही है। इन प्लांटों से निगम को करीब 48 मेगावाट बिजली मिल रही है और प्लांट स्वामियों को निर्धारित विद्युत दरों के अनुसार भुगतान किया जा रहा है।

