बदरीनाथ। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की धनराशि और दान सामग्री की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार पूर्व मंदिर अधिकारी एवं तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र चौहान को शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर उनकी संलिप्तता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, राजेंद्र चौहान से गिरफ्तारी से पहले करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की गई। जांच के दौरान सामने आया कि उन्होंने बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर चढ़ावे की धनराशि और दान सामग्री में कथित हेराफेरी की साजिश रची। इस मामले में प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया जा चुका है और वह वर्तमान में पुरसाड़ी कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में है।
जांच टीम ने थाली भेंट गणना कक्ष की विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। पुलिस के मुताबिक, 22, 25 और 29 जून की फुटेज में राजेंद्र चौहान कथित रूप से कई बार 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए। उल्लेखनीय है कि राजेंद्र चौहान 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे।
जांच के पर्यवेक्षक एवं पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच जारी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में एक अन्य संदिग्ध भी पुलिस के रडार पर है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है और जल्द ही उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

