बदरीनाथ। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में 28 वर्षों तक सेवा देने वाले पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को थाली भेंट की धनराशि और आभूषणों में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 30 जून को सेवानिवृत्त हुए चौहान पर आरोप है कि मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान उन्होंने नकदी और आभूषणों में हेराफेरी की।
जांच के दौरान एसआईटी ने 22, 25 और 29 जून की थाली भेंट गणना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस के अनुसार, फुटेज में राजेंद्र चौहान कथित रूप से चढ़ावे की नकदी और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए। उस समय वह मंदिर अधिकारी होने के साथ-साथ थाली भेंट गणना के प्रभारी भी थे। सेवानिवृत्ति से ठीक पहले सामने आए इस मामले ने मंदिर समिति और श्रद्धालुओं को भी झकझोर दिया है।
आवास पर छापेमारी, विदेशी मुद्रा और केसर बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बीकेटीसी की ओर से मिले उनके सरकारी आवास पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, वहां से पांच डिब्बे केसर और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद हुई है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
मंदिर समिति की छवि पर असर
घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और बीकेटीसी के अधिकारियों-कर्मचारियों में निराशा है। कर्मचारियों का कहना है कि समिति के अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी पूरी ईमानदारी और निष्ठा से श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की कथित अनियमितताओं से पूरे मंदिर समिति परिवार की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और देवस्थान की गरिमा बनी रहे।
पूजा-अर्चना में विशेष महत्व रखता है केसर
बदरीनाथ मंदिर में भगवान बदरीविशाल की पूजा-अर्चना और भोग में केसर का विशेष महत्व है। भगवान को प्रतिदिन केसर जल अर्पित किया जाता है तथा चंदन के लेप में भी केसर मिलाया जाता है। अभिषेक पूजा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को भी केसर युक्त भोग दिया जाता है। बाजार में एक किलो केसर की कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जाती है।

