नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका की ओर से लेकब्रिज चुंगी के नए ठेके के तहत बाहरी दोपहिया वाहनों से 100 रुपये प्रवेश शुल्क वसूले जाने के फैसले को लेकर विवाद गहरा गया है। राजनीतिक दलों और आम लोगों के विरोध के बाद अब नगर पालिका के आठ सभासद भी इस फैसले के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। सभासदों ने पालिका सभागार में पत्रकार वार्ता कर ठेका प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे पालिकाध्यक्ष का एकतरफा निर्णय बताया।
सभासद जीतेंद्र पांडे ‘जीनू’ ने आरोप लगाया कि 21 माह के लिए लेकब्रिज चुंगी का ठेका बोर्ड बैठक बुलाए बिना दे दिया गया, जबकि निविदा की शर्तों में संशोधन और दोपहिया वाहनों से शुल्क नहीं लेने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बोर्ड की मंजूरी जरूरी थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभासदों ने कई बार पालिकाध्यक्ष को पत्र लिखकर बोर्ड बैठक बुलाने की मांग की थी, लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए 14 जुलाई को ठेका आवंटित कर दिया गया।
पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं सभासद मुकेश जोशी ‘मंटू’ ने कहा कि नगर पालिका नियमावली के अनुसार निविदा शर्तों में बदलाव से पहले बोर्ड बैठक होना अनिवार्य है। उन्होंने मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आयुक्त और जिलाधिकारी नियमों के तहत कार्रवाई कर सकते हैं।
वहीं, सभासद रमेश प्रसाद ने कहा कि बाहरी दोपहिया वाहनों से 100 रुपये शुल्क लेने का प्रस्ताव पहले पारित जरूर हुआ था, लेकिन बाद में विशेष बोर्ड बैठक में अधिकांश सभासदों ने इसमें संशोधन की मांग की थी।
उधर, पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लेकब्रिज का ठेका नगर पालिका और शहर के हित में दिया गया है। उन्होंने बताया कि बाहरी दोपहिया वाहनों से शुल्क लेने का प्रावधान शासन की गजट अधिसूचना और बोर्ड के प्रस्ताव के अनुरूप है। स्थानीय दोपहिया वाहन मालिकों को निशुल्क पास जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोपहिया वाहनों से शुल्क वसूली पर रोक लगाई गई है और इस संबंध में अंतिम निर्णय 18 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में लिया जाएगा।
पालिकाध्यक्ष ने यह भी कहा कि पूरी निविदा प्रक्रिया जिला प्रशासन की निगरानी में हुई है और यदि आवश्यकता पड़ी तो वह किसी भी स्तर की जांच, यहां तक कि सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हैं।

