उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के चर्चित पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोषी पाए गए सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. टी.एस. सिद्धू ने बताया कि मामला सामने आने के बाद संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उनका इंक्रीमेंट भी रोक दिया गया था। संस्थान और विश्वविद्यालय की संयुक्त जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
यूटीयू की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि मामले में कानूनी राय ली जा रही है और जल्द ही आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके अलावा आशीष कुमार गुप्ता को अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाए थे। इस खुलासे के बाद दोनों परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने इन परीक्षाओं का पुनः आयोजन अगस्त के तीसरे सप्ताह में कराने का निर्णय लिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक प्रकरण में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

