देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रगति पोर्टल के माध्यम से राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन समेत विभिन्न विभागों की 6940 करोड़ रुपये लागत की 12 प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें 15 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी विकास परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करना है। उन्होंने भूमि हस्तांतरण, वन स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण, क्षतिपूर्ति भुगतान और अन्य प्रशासनिक कारणों से लंबित परियोजनाओं के मामलों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक में रामनगर आईएसबीटी, रानीखेत बस टर्मिनल, ताड़ीखेत डिपो एवं कार्यशाला, बनबसा और रुद्रप्रयाग विद्युत उपकेंद्र परियोजनाएं, चारधाम सड़क परियोजनाएं, अस्कोट-लिपुलेख मार्ग, माणा पास सड़क परियोजना तथा हरिद्वार और काशीपुर क्षेत्र की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर लंबित मामलों की व्यक्तिगत निगरानी करते हुए उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं, विद्युत अवसंरचना और परिवहन सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं राज्य के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व तय करते हुए नियमित मॉनिटरिंग करने तथा अपेक्षित प्रगति न होने वाली परियोजनाओं के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, बंशीधर तिवारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

