देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद राजधानी दिल्ली की ओर से मसूरी आने वाले पर्यटकों और वाहनों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर देहरादून शहर और मसूरी रोड पर देखने को मिल रहा है, जहां लंबे जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है।
आशारोड़ी तक तेज गति से पहुंचने वाले वाहन शहर में प्रवेश करते ही धीमे पड़ जाते हैं, जबकि कुठालगेट क्षेत्र में हालात और भी खराब हो जाते हैं। यहां बना सिंगल लेन बेली ब्रिज इस समय सबसे बड़ा ‘बाटलनेक’ साबित हो रहा है, जिसके चलते वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।
दरअसल, 15 सितंबर 2025 की रात भारी बारिश के कारण कुठालगेट स्थित पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद मार्ग पूरी तरह बंद करना पड़ा था। तत्काल समाधान के रूप में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने मात्र 2-3 दिनों में एक अस्थायी बेली ब्रिज तैयार कर दिया था। हालांकि, यह सिंगल लेन होने के कारण बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को संभालने में अब नाकाम साबित हो रहा है।
पर्यटन सीजन की शुरुआत और एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। देहरादून से मसूरी पहुंचने में अब 2 से 3 घंटे या उससे अधिक समय लग रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस समस्या को लेकर भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने लोनिवि सचिव पंकज पांडे से मुलाकात कर समाधान की मांग की। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने स्थिति का आकलन कर एक नया उपाय सुझाया है।
दूसरा बेली ब्रिज बनेगा, जल्द मिलेगी राहत
लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के अनुसार, मौजूदा बेली ब्रिज के समानांतर (मसूरी की ओर जाते हुए बायीं तरफ) एक और बेली ब्रिज बनाया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को शुरू कर दिया गया है और अगले चार दिनों में इसे वाहनों के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
करीब 40 मीटर लंबे इस नए पुल के बन जाने से ट्रैफिक का दबाव बंटेगा और लोगों को जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थायी समाधान भी जारी: डबल लेन पक्का पुल निर्माणाधीन
अधिकारियों ने बताया कि अस्थायी व्यवस्था के साथ-साथ क्षतिग्रस्त पुल की जगह एक नया डबल लेन पक्का पुल भी बनाया जा रहा है। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
विभाग का दावा है कि दीपावली से पहले इस स्थायी पुल को तैयार कर लिया जाएगा। इसके बनने से न केवल जाम की समस्या खत्म होगी, बल्कि मसूरी रोड का एक खतरनाक मोड़ भी समाप्त हो जाएगा।
फिलहाल, प्रशासन की कोशिश है कि पर्यटन सीजन के चरम से पहले वैकल्पिक व्यवस्था पूरी कर ली जाए, ताकि देहरादून से मसूरी का सफर फिर से सुगम हो सके।

