देहरादून। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के दूसरे चरण में राज्य की 488 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 2.75 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। बुधवार को मुख्य सेवक सदन, कैंट रोड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 212 नई लाभार्थियों को पहली किस्त, जबकि पहले चरण की 276 महिलाओं को दूसरी किस्त जारी की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार एकल, निराश्रित, परित्यक्ता और विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से महिलाएं अपने गांव और क्षेत्र में ही स्वरोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि दूसरे चरण में आठ जिलों की 212 महिलाओं को 1.55 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त दी गई है। वहीं, पहले चरण की 276 महिलाओं को 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की दूसरी किस्त जारी की गई। उन्होंने बताया कि सरकार कृषि, पशुपालन, सिलाई, ब्यूटी पार्लर सहित विभिन्न व्यवसायों के लिए अधिकतम दो लाख रुपये की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करा रही है, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं निवेश करनी होती है।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में 10 फरवरी 2026 को छह जिलों की 484 महिलाओं को 3.45 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त वितरित की गई थी। दूसरे चरण में अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और देहरादून की महिलाओं को योजना का लाभ मिला है।
कार्यक्रम में दूसरी किस्त प्राप्त करने पहुंचीं देहरादून की कांवली रोड निवासी नीलू जैन ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में पति के निधन के बाद योजना से मिली पहली किस्त की सहायता से उन्होंने आगरा के प्रसिद्ध पेठे की मिठाई बनाने का व्यवसाय शुरू किया। आज वह देहरादून में पारंपरिक स्वाद वाला पेठा तैयार कर बेच रही हैं और आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

