देहरादून: महिला आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए आज विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति ने विधानसभा के मुख्य गेट पर गन्ने से भरी ट्रॉली पलटकर विरोध जताया। उनका आरोप है कि इकबालपुर चीनी मिल पर गन्ना किसानों का करीब 110 करोड़ रुपये बकाया है, लेकिन सरकार भुगतान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। वीरेंद्र जाति खुद ट्रैक्टर चलाकर विधानसभा पहुंचे। वहीं कांग्रेस के अन्य विधायक रिस्पना पुल से रैली निकालते हुए विधानसभा पहुंचे और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने व महिला आरक्षण बिल लागू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
विधानसभा में आज “नारी सम्मान, लोकतंत्र में अधिकार” विषय पर चर्चा होगी। सत्ता पक्ष जहां केंद्र सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण कानून के समर्थन में अपनी बात रखेगा, वहीं विपक्ष सरकार को महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है।
सरकार की ओर से विपक्ष पर महिला आरक्षण के विरोध का आरोप लगाते हुए निंदा प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है। वहीं विपक्ष की मांग है कि 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को तत्काल लागू करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए चर्चा में भाग लेने की अपील की है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार जनता को गुमराह कर रही है और विपक्ष तथ्यों के साथ जवाब देगा। वहीं संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है।
विशेष सत्र में पक्ष-विपक्ष के बीच महिला आरक्षण को लेकर तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।

