हरिद्वार में कांवड़ मेले की तैयारियों के तहत स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए बुधवार से 24 घंटे संचालित होने वाला हेल्थ कंट्रोल रूम शुरू करने का फैसला किया है। मेला अस्पताल के समीप स्थित टीबी अस्पताल में स्थापित इस कंट्रोल रूम से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जाएगी और आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके हेल्पलाइन नंबर भी जल्द जारी किए जाएंगे।
कांवड़ मेले की शुरुआत से पहले स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर 33 अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें 27 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। सभी अस्पताल तीन शिफ्टों में 24 घंटे संचालित होंगे, ताकि श्रद्धालुओं को हर समय चिकित्सा सुविधा मिल सके।
प्रत्येक अस्थायी अस्पताल में एक चिकित्सक और एक पैरामेडिकल कर्मी की तैनाती की जाएगी। साथ ही आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाओं और एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। इस बार गंगा घाटों और जल क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, जिसके लिए एसडीआरएफ के साथ समन्वय किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर मरीजों के इलाज के लिए पांच रेफरल अस्पताल भी चिन्हित किए हैं। इनमें मेला अस्पताल, भूमानंद अस्पताल, पतंजलि अस्पताल, आरोग्यम अस्पताल और सिविल अस्पताल रुड़की शामिल हैं। स्वास्थ्य शिविरों में गंभीर रूप से बीमार पाए जाने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यकता के अनुसार इन अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कांवड़ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

