लगातार हो रही बारिश के चलते सिरोहबगड़ और आसपास के क्षेत्रों में हालात बिगड़ गए हैं। मलबा और पत्थर गिरने से कई मार्ग बाधित हो गए, जबकि कुछ जगहों पर दलदल बनने से वाहन फंस गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल और संबंधित कार्यदायी संस्था के संयुक्त प्रयास से फंसे वाहनों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और यातायात बहाल किया गया।
प्रदेशभर में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बृहस्पतिवार से उत्तराखंड में लगातार बारिश जारी है। अगले 24 घंटों में मौसम के और खराब होने की संभावना जताई गई है।
मोबाइल पर प्रसारित एक प्रेसिडेंशियल अलर्ट संदेश के अनुसार, 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है।
अलर्ट में बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चंपावत और उत्तरकाशी जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान है।
यह संदेश सेल ब्रॉडकास्ट प्रणाली के तहत भेजा गया, जिसे अधिकारियों ने एक परीक्षण (टेस्ट मैसेज) बताया है। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन और चेतावनी प्रणाली की प्रभावशीलता को परखना है, ताकि भविष्य में आपात स्थिति में समय पर सूचना लोगों तक पहुंचाई जा सके।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतें और बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों से दूर रहें।

