देहरादून। 38वें राष्ट्रीय खेलों में 130 पदक जीतकर इतिहास रचने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। शिक्षा विभाग ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सहायक अध्यापक व्यायाम के पद को डाउन ग्रेड किए जाने पर सहमति दे दी है। इसके बाद खिलाड़ियों की आउट ऑफ टर्न नियुक्ति की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा ने बताया कि केवल शिक्षा विभाग की सहमति के कारण मामला लंबित था, जबकि अन्य विभाग पहले ही खिलाड़ियों को नियुक्ति देने के लिए तैयार थे। राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को 25वें स्थान से सातवें स्थान तक पहुंचाने वाले 243 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दिए जाने की तैयारी चल रही है।
खेल विभाग चाहता है कि सभी पद खेल विभाग में सृजित कर खिलाड़ियों को नियुक्ति दी जाए, लेकिन कार्मिक विभाग ने विभिन्न विभागों में नियुक्ति देने पर सहमति जताई है। रजत और कांस्य पदक विजेताओं के लिए 2000 और 2800 ग्रेड वेतन के पद उपलब्ध थे, लेकिन स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए 4200 ग्रेड वेतन के पद को लेकर दिक्कत बनी हुई थी।
इस समस्या के समाधान के लिए खेल विभाग ने शिक्षा विभाग को सहायक अध्यापक व्यायाम के पद को डाउन ग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा था। शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने बताया कि विभाग पद डाउन ग्रेड करने के लिए तैयार है, लेकिन खिलाड़ियों को आवश्यक शैक्षिक अर्हता पूरी करनी होगी। विभाग में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के लिए सहायक अध्यापक व्यायाम के 50 पद उपलब्ध हैं।
विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा ने कहा कि खिलाड़ियों को इस शर्त पर नौकरी दी जाएगी कि वे चार वर्ष के भीतर निर्धारित शैक्षिक अर्हता पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की सहमति मिलने से अब स्वर्ण पदक विजेताओं की नियुक्ति का रास्ता भी साफ हो गया है।

